सोमवार, 31 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

कई ने घर त्याग दिए, कई वनवास करने लगे, यदि चंचल मन नियंत्रित न हुआ तो सब विफल है, कहीं भी सुख नहीं मिलेगा.  (संकलित)

रविवार, 30 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

यह सच है कि दुनिया तकलीफों से भरी है. लेकिन यह संघर्षों से भी भरी है.
......हेलेन केलर

शनिवार, 29 अक्तूबर 2011

गुरुवार, 27 अक्तूबर 2011

बुधवार, 26 अक्तूबर 2011



प्रकाशोत्सव के इस मंगल अवसर पर आप सभी की मनोकामना पूर्ण हो, खुशियाँ आपके कदम चूमे, इसी मंगल कामना के साथ आप सभी को दिवाली की बहुत बहुत बधाइयाँ ऑर शुभकामनायें !



मंगलवार, 25 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

भद्र व्यक्ति वह है, जो दुनियां से जितना लेता है, उससे कहीं अधिक देता है.
......जॉर्ज  बर्नार्ड शॉ

सोमवार, 24 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

कोई चीज अच्छी या बुरी नहीं होती, विचार ही अच्छे बुरे बनाते हैं.
.......शेक्सपियर

रविवार, 23 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

जो निष्काम कर्म की राह पर चलता है, उसे इस बात की परवाह कब रहती है कि किसने उसका अहित साधन किया है.
......बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय 

शुक्रवार, 21 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

सुख हमें कुछ नहीं सिखाता, जबकि दुःख हमें संघर्षों के लिये तैयार करता है.
.....कोएत्जी

बुधवार, 19 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

भक्ति मार्ग पर चलने के लिये प्रपन्चों की ज़रूरत नहीं बल्कि श्रद्धा की आवश्यकता होती है.
......स्वरूपानंद 

शुक्रवार, 14 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

संपत्ति से नहीं, सद्बुद्धि और सत्प्रव्रतियों से असली उन्नति होती है।  (संकलित)

गुरुवार, 13 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

अज्ञानी व्यक्ति को प्रसन्न करना सरल है, विद्वान को प्रसन्न करना उससे भी सरल है, लेकिन ज्ञान के आधार पर अहंकारी मनुष्य को प्रसन्न कर पाना ब्रह्मा के लिये भी असंभव है.  (संकलित)

बुधवार, 12 अक्तूबर 2011

मंगलवार, 11 अक्तूबर 2011

सोमवार, 10 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

जैसे जैसे हम बाह्य रूपों की विविधता में उलझते जाते हैं, वैसे-वैसे उनके मूलगत जीवन को भूलते जाते हैं.
   ......महादेवी वर्मा 

रविवार, 9 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन - योगी

"योगी बनने के लिये उपयोगी  बनो. जो अपनी उपयोगिता खो देता है वह फेंक दिया जाता है, चाहे व्यक्ति हो, चाहे वस्तु हो. अतः प्रेम के द्वारा अपने प्रभु के लिए, त्याग के द्वारा सबके लिए उपयोगी बनो."   (संकलित)

शनिवार, 8 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन - प्रशंसा

"दूसरा व्यक्ति तुम्हारी प्रशंसा करे, न कि तुम्हारा अपना मुख, कोई अपरिचित मनुष्य, न कि तुम्हारे अपने होठ."  ...(संकलित)

शुक्रवार, 7 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन - क्रोध

जो अपना क्रोध सह लेता है, वही दूसरों के क्रोध को सह सकता है और वही सुखी होता है.   (संकलित)

गुरुवार, 6 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

"सत्य हजार ढंग से कहा जा सकता है, फिर भी उसका हर ढंग सच ही रहता है." (संकलित)

बुधवार, 5 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

हंसी बाँट लेने से अनंत हो जाती है. दुःख बंटता है तो हल्का हो जाता है और सुख बंटता है तो दो गुना हो जाता है.
    ....दादा धर्माधिकारी

मंगलवार, 4 अक्तूबर 2011

शनिवार, 1 अक्तूबर 2011

आज का चिंतन

"सेवा करने वाले हाथ स्तुति करने वाले होठों की अपेक्षा अधिक पवित्र हैं." (संकलित)