गुरुवार, 5 जनवरी 2012

आज का चिंतन

पत्नी पसंद से मिल सकती है पर माँ पुण्य से मिलती है. पसंद से मिलने वाली के लिए, पुण्य से मिलने वाली माँ को मत ठुकराना.  (संकलित)

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपका चिंतन सद् चिंतन की प्रेरणा देता है.

    न पत्नी को ठुकराना चाहिये और न ही माँ को.
    माँ को पत्नी भी अपने माँ माने,ऐसा प्यार और
    विश्वास पत्नी को ससुराल में मिले तो वह परिवार
    धन्य हो जायेगा.

    वीना जी आपका मेरे ब्लॉग पर इंतजार ही.

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  2. कृपया ही को है पढियेगा जी.

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