सोमवार, 27 जून 2011

आज का चिंतन - भगवत्प्रेम

"भगवान को पाया जा सकता है - ठीक जैसे मैं तुम्हें देख रहा हूँ और तुमसे बात कर रहा हूँ. पर इसके लिए परिश्रम कौन करना चाहता है ? लोग स्त्री के लिए, संतान के लिए या संपत्ति के लिए रोते हैं. पर भगवत्प्रेम के कारण कौन रोता है ? पर अगर कोई सच्चे ह्रदय से भगवान् के लिए रोये तो वह अवश्य भगवान को प्रत्यक्ष पा सकेगा."
               .........रामकृष्ण परमहंस 

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर ...आपके ब्लॉग पर तो बड़ी अच्छी बातें हैं...... सादर

    उत्तर देंहटाएं